मंगलवार, 6 मार्च 2018

दूर  तक तलाशता हूँ जिंदगी को
पर जिंदगी अकेली ही नजर आती हैं |

दर्दो से भरी ये एक सबकी कहानी हैं
जो अश्को से भीगी नजर आती हैं |

हकीकत खाब अपने पराये
सब कुछ पलो के साथ हैं |

बस सोचता हूँ अगर आगे चलने को
तो अनसुना रास्ता हैं और अनसुलझे सवाल हैं |

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