बुधवार, 20 दिसंबर 2023

 

रोटी और सत्ता पलटते रहो
और समान कोई भी खरीदो
बस दुकानदार बदलते रहो   🤣

शनिवार, 9 दिसंबर 2023

फूल

 मेरे लगाए फूल अब महकने की को तैयार है ।

मौसम हो जाओ होशियार,

 हवाएं तुम्हे बदलने की फिराक में है

शनिवार, 2 दिसंबर 2023

मजदूरों पर शायरी !

1). मजदूरों की दुनिया में भी शहंशाही खाब होता है ।
     गैर मत समझो जनाब, मजदूर भी  इंसान होता है ।।

2). हर कोई तलाश रहा था दौलत, पर कोई दौलतमंद ना मिला
 एक फकीर को छोड़कर तेरी दुनिया में कोई अमीर ना मिला

3).  खाली पेटो की जरूरत बड़ी मामूली लगी ।
       पर भरे हुए पेटो में गजब की भूख दिखी ।।

4). सिरहने से उसके वो उसकी नींद उठा लाया ।
     अमीर क्या बना किसी गरीब की रोटी ही चुरा लाया ।।

5). सुना है कस्बे में नए नए अमीर आए है ।
     जाके देखो तो जरा जाकर देखो तो जरा, 
     किसी गरीब का निवाला तो नही छीन लाएं है ।